नई दिल्ली -कश्मीर में कल हुए आतंकवादी हमले की घोर निंदा करते हुए जमाअ़त ए इस्लामी हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैयद जलालुद्दीन उमरी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए इस घटना पर अत्यधिक दुख व अफ़सोस और शोक प्रकट किया है। मौलाना ने कहा कि आतंकवाद और हिंसात्मक गतिविधियां मृत्यु और विनाश का कारण बन सकती हैं , लेकिन इससे किसी समस्या का हल नहीं हो सकता । संगठन के अध्यक्ष ने कहा कि कल की घटना में 44 जवानों की मृत्यु हो जाना अत्यधिक दुख और परेशानी का कारण है , इसलिए वहां द्वेष और नफ़रत की बजाय अमन व शांति के रास्ते तलाश करने की ज्यादा ज़रूरत है । यह रास्ता पारस्परिक वार्तालाप से ही निकल सकता है, जिससे कश्मीर के लोगों की परेशानियां समाप्त हो सके और वहां अमन व शांति का माहौल स्थापित हो सके।
मौलाना ने इस हमले की सरकार की ओर से जांच के एलान को उचित बताते हुए कहा कि इससे सच्चाई सामने आने की उम्मीद की जा सकती है और यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह आतंकवादी हमला कहीं कश्मीर के वातावरण को खराब करने, भारत पाकिस्तान संबंधों में तनाव पैदा करने या फिर देश में होने वाले जनरल इलेक्शन से पहले वातावरण को बिगाड़ने की कोई बड़ा षड़यंत्र तो नहीं है । संगठन के अध्यक्ष ने हादसे में मौत का शिकार होने वाले फौजी जवानों के संबंधियों से हमदर्दी प्रकट की और गंभीर एवं घायल फौजियों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए दुआ की ।
डॉ एम ए रशीद
मीडिया सचिव
जमाअ़त ए इस्लामी हिंद नागपुर

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