Thursday, October 19, 2023

फिलिस्तीन के भारतीय मित्रों द्वारा’ ’पारित प्रस्ताव’

 


’डिप्टी स्पीकर हॉल कॉन्स्टिट्यूशन क्लब, नई दिल्ली में


19 अक्टूबर 2023 को आयोजित एक सम्मेलन में’


फिलिस्तीन के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए


हम फिलिस्तीन के मित्र लोग फिलिस्तीन, विशेषकर गाजा की स्थिति को लेकर बहुत चिंतित हैं।

हम निर्दोष लोगों, यहां तक कि बच्चों और महिलाओं की लगातार हत्या के साथ-साथ उनके भोजन, पानी, चिकित्सा और बिजली की आपूर्ति रोके जाने, और आबादी वाले क्षेत्रों पर लगातार बमबारी और गाजा को खाली करने के प्रयासों की कड़ी निंदा करते हैं।



हमें यह हमेशा याद रखना चाहिए कि यहूदी कब्ज़ा की वजह से गत कई वर्षों से फ़िलिस्तीनियों को उनके घरों और ज़मीनों से लगातार बेदखल किया जा रहा है और इस भूमि के मूल निवासियों, फ़िलिस्तीनियों पर क्रूरतापूर्वक अत्याचार किया जा रहा है।


फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों में नई आबादी को लगातार बसाना और अल-अक्सा मस्जिद को लगातार अपवित्र करना और ऐसी अन्य आक्रामक नीतियां सभी अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन हैं, जो कि इस क्षेत्र में निरंतर शांति और व्यवस्था के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा हैं।


ऐसे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय को तुरंत कार्रवाई करने और रक्तपात रोकने के लिए कार्रवाई करने की आवश्यकता है। फिलिस्तीनी लोगों के अधिकारों को बहाल करना और इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय कानूनों के क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना क्षेत्र में निरंतर शांति के लिए अत्यंत आवश्यक है।


हम सरकार से यह भी मांग करते हैं कि वह भारत की लंबे समय से चली आ रही उपनिवेशवाद विरोधी और फिलिस्तीन समर्थक विदेश नीति को जारी रखे, जिसकी गांधी जी से लेकर वाजपेयी तक वकालत कर चुके हैं और फिलिस्तीनी लोगों के वैध अधिकारों को साकार करने में अपने प्रभाव क्षेत्र का उपयोग करें।


’प्रतिभागीः’

केसी त्यागी पूर्व सांसद 

सांसद कुंवर दानिश अली

प्रोफसर बिट्ठल, महासचिव आर समाज

प्रोफेसर अदित्य निगम

प्रोफसर शशि शेखर सिंह

जॉन दयाल

मौलाना महमूद असद मदनी अध्यक्ष, जमीअत उलमा-ए-हिंद

जनाब सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी अमीर, जमात-ए-इस्लामी हिंद

मौलाना असगर अली इमाम महदी अमीर, जमीअत अहले हदीस हिन्द

मौलाना हकीमुद्दीन कासमी महासचिव, जमीअत उलमा-ए-हिंद

जनाब सलीम इंजीनियर जमात इस्लामी हिंद

इंडियन पैलिस्टीनियन फ्रेंडशिप फोरम

Wednesday, October 18, 2023

जमाअत-ए-इस्लामी हिंद गाजा अस्पताल पर क्रूर हमले और जारी हिंसा पर गहरा दुख व्यक्त करता है



 

 नई दिल्ली, 18 अक्टूबर: जमाअत-ए-इस्लामी हिंद  गाजा अस्पताल पर इजराइल द्वारा किए गए हमले की निंदा करती  है। इन हमलों में लगभग एक हजार लोगों की जानें गयीं हैं जिनमें  कई महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।




मीडिया को जारी एक बयान में जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के अध्यक्ष सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने कहा, "हम सेंट्रल गाजा में अल-अहली अस्पताल पर जघन्य बमबारी की निंदा करते हैं और अत्यंत नाराज़गी व्यक्त करते हैं। लगभग 1000 लोगों के मरने की सूचना है अस्पताल के परिसर में महिलाएं और बच्चे भरे थे। अस्पताल को इज़रायली सेना से निकासी के आदेश का सामना करना पड़ रहा था।





जमाअत की दृष्टि में ये नरसंहार और मानवता के ख़िलाफ़ अपराध है। इज़रायली सेनाएँ सभी युद्ध कानूनों और बुनियादी मानवीय मूल्यों का स्पष्ट उल्लंघन करते हुए लगातार स्कूलों और अस्पतालों को निशाना बना रही हैं। मूक दर्शक बने रहने वाले शक्तिशाली देश और अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएँ जघन्य युद्ध अपराधों से खुद को मुक्त नहीं कर सकते। उनके हाथों पर फिलिस्तीन के निर्दोष पुरुषों, महिलाओं और बच्चों का खून है।




जमाअत के अमीर ने कहा कि, "हम क्षेत्र में तत्काल युद्धविराम लागू करने और गाजा के नागरिक क्षेत्रों पर जानबूझकर की गई बमबारी की निंदा करने की मांग करते हैं। इजरायली कृत्यों को बख्शा नहीं जाना चाहिए और उसके राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व को संयुक्त राष्ट्र और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय द्वारा हाल ही में किए गए विभिन्न युद्ध अपराधों के लिए अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में मुकदमे का सामना करने के लिए लाया जाना चाहिए। मानवता परीक्षण पर है। यदि हम फ़िलिस्तीनियों को विफल करते हैं और वर्तमान नरसंहार को नहीं रोकते हैं, तो इतिहास हमें कभी माफ नहीं करेगा।"

द्वारा जारी:


सुहैल के के 

राष्ट्रीय सचिव, मीडिया विभाग, मुख्यालय, जमाअत -ए-इस्लामी हिंद

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