डॉ बाबासाहब आंबेडकर और मुसलमान।
जब डॉ बाबासाहब आंबेडकर लंदन में गांधी ,कांग्रेस के खिलाफ जंग लड़ रहे है थे तब मुस्लिम नेता डॉ बाबासाहब आंबेडकर साथ थे ।मौलाना शौकत अली जी ने 29 जनवरी 1932 मुंबई में डॉ बाबासाहब आंबेडकर जी को अपने गले लगाया और मुस्लिम लोगो को खुले आम कहा कि डॉ बाबासाहब आंबेडकर मेरे अपने भाई है ।मौलाना शौकत अली ने अपने भाषण में कहा कि "हरेक धर्म और जाति के व्यक्ति ने अपने कार्य के बारे में विचलित न होते हुए श्रद्धा और हिम्मत दिखानी चाहिए।अछुतो के हित के संबंध डॉ बाबासाहब आंबेडकर ने लंदन में राउंड टेबल कोंफ़रनस में जो हिम्मत दिखाई है वह प्रशसंनीय है,अभिनंदनीय है। डॉ बाबासाहब आंबेडकर मेरे अपने छोटे भाई है!!!
डॉ बाबासाहेब आंबेडकर और मुसलमान
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बाबासाहेब ने जब चवदार तालाब का आंदोलन चलाया और सभा भरने के लिये बाबासाहेब को कोई हिन्दु जगह नहीं दे रहा था तब एक मुसलमान ने आगे आकर अपनी जगह दी और कहा बाबासाहेब आप मेरी जगह मे अपनी सभा भर सकते हो!!!
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गोलमेजी परिषद मे जब गांधी ने बाबासाहेब का विरोध किया और रात के १२ बजे गांधी ने मुसलमानो को बुलाकर कहा कि आप बाबासाहेब का विरोध करो तो मैं आपकी सभी मांगे पूरी करुंगा!!!
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तब मुसलमानो ने मना कर दिया और कहा कि हम बाबासाहेब का विरोध किसी भी हाल मे नहीं करेंगे और ये बात मुसलमानो ने आकर बाबासाहेब को कह दी कि गांधी हमे आपका विरोध करने के लिये कह रहे है!!!
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संविधान सभा मे जब सारे हिन्दु (गांधी, नेहरू और सरदार पटेल) ने मिलकर बाबासाहेब के लिये संविधान सभा के सारे दरवाजे और खिड़कीया भी बंध करदी थी तब पच्छिम बंगाल के मुसलमानो ने बाबासाहेब को वोट देकर चुनवाया और बाबासाहेब को संविधान सभा मे मुसलमानो ने भेजा!!!
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अगर बाबासाहेब को मुसलमान वोट नहीं देते और बाबासाहेब संविधान
सभा मे नहीं जाते तो आज हम कहां होते ज़रा सोचिये???








