Tuesday, January 28, 2020

'देश वासियों की सेवा में जमात-ए-इस्लामी हमेशा सक्रीय रहती है - सैयद ज़मीर कादरी



 कोल्हापुर: जमात-ए-इस्लामी हिंद महाराष्ट्र और आइडियल रिलीफ कमिटी ट्रस्ट ने 26 जनवरी, 2020 को कोल्हापुर जिले में बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए घरों के निर्माण की आधारशिला रखी।  परियोजना के लिए आइडियल रिलीफ कमिटी ट्रस्ट और जिला परिषद कोल्हापुर के बीच 20 जनवरी 2020 को एक समझौता करार पर हस्ताक्षर किए गए थे।  जिसके अनुसार संगठन द्वारा घरों के निर्माण के लिए कोल्हापुर जिले के कांवड़ गांव का चयन किया गया था।
 इसे हेतु शिलान्यास के लिए एक कार्यक्रम आयोजन किया गया था और गांव के बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए घरों का निर्माण कार्य
अनिल भीमवशाह पूरे के घर की आधारशिला से शुरू हुआ ।  सैय्यद ज़मीर क़ादरी, जमात-ए-इस्लामी हिंद महाराष्ट्र के उपाध्यक्ष, पुलिस अधिक्षक किशोर काले तथा शंकर कुवितके बीडीओ, सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रकांत यादव और गनी अजरीकर मुस्लिम बोर्डिंग कोल्हापुर,  इंजीनियर आसिफ जमदार और बाबासाहेब आरसगोंडा  सरपंच कंवाड़ उपस्थित थे।

 प्रारंभिक चरण में, 38 बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए घरों का निर्माण किया जाएगा और शुद्ध पीने के पानी के लिए 2 शोधक सिस्टम लगाए जाएंगे।
 कार्यक्रम की शुरुआत पवित्र कुरान के पाठ के साथ हुई।  इसके बाद मजहर फारूक , सचिव जनसेवा विभाग, जमात-ए-इस्लामी महाराष्ट्र ने बाढ़ और घरों के निर्माण के संबंध में जमात द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा प्रस्तुत की । उन्होंने कहा कि बाढ़ के बाद हम लोग नाव से महिशाल तक पहुंचे और हमने धर्म, जाति और सभी प्रकार के भेदभाव को मिटाकर लोगों की मदद की । हम इसे एक आदर्श और अद्वितीय गाँव बनाना चाहते हैं, ऐसे गांव की परिकल्पना मात्र सफाई सुथराई , अच्छे रास्ते , स्वच्छता, अच्छी सड़कें, विशाल घर और अन्य सुविधाएँ प्रदान करके संभव नहीं । बल्कि यहाँ रहने वाले हर वर्ग और समाज के लोगों  को चाहिए कि वे एक दूसरे की मदद के लिए आगे बढ़ते रहें,  दूसरे के दर्द को अपना दर्द समझते हैं, और एकजुटता का उदाहरण देते हैं, हम सभी एक समृद्ध भारत के लिए मिलकर काम करेंगे।

 सामुदायिक स्वयंसेवकों की भावुक सेवा से प्रेरित होकर,
कांवड़ के सरपंच आरसगोंडा ने कहा कि हमारे भीतर मानवता और सेवा का जुनून होना चाहिए। कुछ समय से जमात-ए-इस्लामी संगठन जाति और धर्म की परवाह किए बिना सेवा में लगा हुआ है, जब भी हम उन्हें आवाज देते हैं तो वे हमारी मदद के लिए वहां मौजूद होता है।  वै हमारी मदद को महत्व देते हैं। 

 किशोर काले डीसीपी जय शसिंहपुर ने कहा कि कई सरकारी व गैर सरकारी संगठनों ने 2 अगस्त की बाढ़ में पीड़ितों की मदद की लेकिन जमात-ए-इस्लामी का काम महत्वपूर्ण है।  जब भी जरूरत होगी प्रशासन  पूरा सहयोग करेगा।
 जमात-ए-इस्लामी महाराष्ट्र के उपाध्यक्ष सैयद ज़मीर कादरी ने कहा कि जमात-ए-इस्लामी संगठन ने हमेशा  देश वासीयों की सेवा में सक्रीय भूमिका निभाई है ।  पैगंबर हज़रत मोहम्मद (सअव) की शिक्षाएं हमें इस काम को करने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।  इसलिए हम यह सेवा अल्लाह की खुशी के लिए कर रहे हैं और यह हमारी योजना का हिस्सा है।  उन्होंने यह भी सलाह दी कि वे पर्यावरण का ध्यान रखें ताकि यह स्थिति दोबारा न हो।
 कार्यक्रम का संचालन कोल्हापुर के नदीम सिद्दीकी ने किया । इस अवसर पर अनवर पठान, अशफाक पठान, इस्माइल शेख, अकील अली आजमद और अख्तर पटेल उपस्थित थे।

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